Sunday, 29 March 2020

राजस्थान के बारे में कुछ रोचक तथ्य

राजस्थान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य :-

देश का सबसे बड़ा राज्य।
राजस्थान देश का प्रथम राज्य है जिसने पर्यटन ( Tourism ) को उद्योग का दर्जा दिया। 

पंचायतीराज व्यवस्था सबसे पहले यही से शुरू हुई। ( 1959) 

थार का रेगिस्तान विश्व की सर्वाधिक आबादी व सर्वाधिक जैव विविधता वाला मरुस्थल है। 

राजस्थान में केवल रेगिस्तान ही नहीं है, जैसा कि कई लोग राजस्थान का स्मरण करते ही रेगिस्तान को मस्तिष्क में लाते है। अरावली के पश्चिमी में रेगिस्तान और पूर्व में पठार है। इसलिए यहां बाढ़ भी आती है। यहां तक कि लूनी नदी के कारण बालोतरा (बाड़मेर) व घग्घर नदी के कारण गंगानगर में भी बाढ़ आ जाती है।जबकि ये दोनों क्षेत्र डिजर्ट एरिया में आते है।

राजस्थान में कोटा और सीकर शैक्षणिक नगरी है। IIT और PMT के एक्जाम में हर बार यहां के छात्र झंडे गाड़ते है।

अरावली पर्वतमाला विश्व के सबसे पुरानी वलित पर्वत माला है। यहां राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू भी है।

आपको ताज्जुब होगा कि राजस्थान में स्नोफॉल भी होता है। जैसा कि माउंट आबू और अभी हाल ही में नागौर में हुआ था। 20 दिन पहले की जयपुर की भारी बर्फबारी सबको याद होगी।

यहां शहरों को रंगों से जाना जाता है। जैसे गुलाबी नगरी जयपुर, ब्लू सिटी जोधपुर, बैंगनी नगरी झालावाड़, पिला शहर जैसलमेर। 

यहां खारे पानी की नदियां( लूनी- बालोतरा के बाद), भारत की सर्वाधिक खारे पानी की झीले ( सांभर, पचबदरा, डीडवाना) पाई जाती है।

केवलादेव नेशनल पार्क व साम्भर झील में लाखों की संख्या में हर साल अक्टूबर माह में साइबेरियन क्रेन पक्षी विहार करने आते है।

देश के बड़े संख्या में बाघ रणथम्भौर में पाए जाते है। बाघ 'मछली' को 2010 में विश्व की बेस्ट टाइग्रेस का अवार्ड मिल चुका है।

उदयपुर को झीलों की नगरी कहा जाता है। क्योंकि यहां दहाई के आंकड़े तक गहरी झीले है। 

जैसलमेर का किला पिले पत्थरों से निर्मित होने के कारण सूर्योदय के समय सोने के समान प्रतीत होता है। इसलिए इसे सोनारगढ़ कहा जाता है।

कर्क रेखा राजस्थान से गुजरती है। इसलिए जून में यहां का तापमान 50℃ क्रोस कर जाता है। और मरुस्थल के कारण सर्दियों में तापमान माइनस में पहुंच जाता है।

यहां मरु उद्यान जैसलमेर में करोड़ो साल पुराने जीवाश्म मीले हैं। 

यहां पन्ने की विश्व की सबसे बड़ी मंडी - जयपुर।

भारत के दोनों परमाणु परीक्षण - पोकरण 

देश का पहला लोको इंजन - अजमेर में बना। 

एशिया में मीटरगेज का सबसे बड़ा यार्ड - फुलेरा जंक्शन।

NCR क्षेत्र में राजस्थान के 2 जिले।

बाजरा, राई व सरसो देश में सर्वाधिक यही होती है।

विश्व की सबसे बड़ी कृत्रिम नहर - इन्दिरा गांधी नहर।

एशिया में ऊन की सब्सडी बड़ी मंडी - बीकानेर। 

संकटग्रस्त जंतु - गोडावण पक्षी और चिंकारा(काला हिरन) 

विश्व का एकमात्र वृक्ष मेला - खेजड़ली( जोधपुर) 

एशिया में मीठे पानी को सबसे बड़ी झील - जयसमंद

अब आते है इतिहास पर - 

प्राचीनतम सभ्यता कालीबंगा, पीलीबंगा, रेढ़, गणेश्वर आदि। लगभग 30 से ज्यादा।

राणा सांगा की वीरता, पृथ्वीराज चौहान का पराक्रम, महाराणा कुम्भा का शिल्प कला को प्रोत्साहन (मंदिर, छतरी व 32 किलों का निर्माण), प्रताप का स्वाभिमान। 
रानी पद्मावती का जोहर। राजस्थान में अकेले चित्तौड़ में 3 जोहर हो चुके है। इसके अलावा रणथंभौर दुर्ग में पहला जोहर ( आगे में कूदकर आत्मोत्सर्ग करना) हुआ था।

मीरा की भक्ति।
वल्लभ, नाथ, जसनाती सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ।

प्रमुख व बड़े मंदिर - सांवलिया सेठ चित्तौड़, खाटू श्याम रींगस, करनी माता देशनोक, बेणेश्वरधाम डूंगरपुर, एकलिंगजी उदयपुर, चामुंडा माता जोधपुर, जीण माता सीकर, सालासर बालाजी, त्रिनेत्र गणेश जी रणथंभौर। 


Thursday, 30 January 2020

क्या वाकई अकबर महान था ?? एक किस्सा सुनिए।

अकबर की महानता को लेकर सदा से विवाद रहा है। यूपीए सरकार के पाठ्क्रम के दौरान अकबर महान हो जाता है और बीजेपी के पाठ्यक्रम में महाराणा प्रताप। 
आपको ये तो पता होगा कि चितौड़गढ़ के दुर्ग में 3 साके हुए थे। साके मतलब जोहर। एक रानी पद्मनी ने, दूसरा रानी कर्मावती ने और तीसरा कोई रानी ने नही बल्कि सेनापति की पत्नी ने किया। क्योंकि उदयसिंह ने अकबर के आक्रमण के समय अपनी कायरता दिखाई और पहाड़ो पर भाग गए परिवार के साथ। किले को उनके सेनापति जयमल और फत्ता सिसोदिया को सौंपकर। 
अकबर और मेवाड़ी सेना के मध्य भीषण युद्ध हुआ। उस युद्ध में जयमल व फत्ता मारे गए। इसके बाद आमेर के शासक भगवंतदास के कहने पर अकबर ने कत्लेआम आदेश जारी किया। कत्लेआम आदेश का मतलब विजय के बाद वहां के आम नागरिकों को मार देना। इस आदेश के तहत 30 हजार लोग मारे गए थे। 
अब सवाल उठता है कि आम नागरिकों को मारने वाला ये शक्श महान कैसे हो सकता है?? इसकी महानता पर पशनचिन्ह खड़ा होता है। 
अब इस कहानी का दूसरा पहलू सुनिए।
जैसे कोंग्रेस आपातकाल को अपना सबसे बड़ा कलंक मानती है वैसे ही अकबर ने इस कत्लेआम आदेश पर गहरा शोक व्यक्त किया और इसव अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा कलंक माना।
इसी के तहत उसने आगरा के लाल किले के बाहर 2 मुर्तिया लगवाई।
पता है ये मूर्तियां किसकी थी ?? 
जयमल और फत्ता की।
काफी सैलून तक ये मूर्तियां लगी रही। लेकिन इस महान आदमी के कपूत पोते औरंगजेब ने इन मूर्तियों को तुड़वा दिया।
फैसला आपका है। आप अकबर को महान मानते है या नहीं ?? 

Sunday, 19 January 2020

भारतीय संस्कृति ! आस्था और विज्ञान

भारतीय संस्कृति की यही विशेषता है। यहां ये आस्था के साथ शुरू होती है, तर्क चाहे कोई भी हो लेकिन विज्ञान भी मानने को तैयार हो जाता है। और इसके विरोध में आवाज नहीं उठ पाती है।
हम छठ पर्व पर उगते सूर्य को अर्ध्य देते है। वो भी जल में खड़े रहकर। सूर्य की बहिन छठ मैया की अनुकम्पा बनेगी जो बनेगी लेकिन सूर्य से उषा काल मे आने वाली फार इंफ़्रा रेंज भी हमको मिलेगी, जो फ्री का केल्शियम है। विटामिन D की प्रचुर मात्रा है। जिसके दम पर हम पूरे दिन भर कार्य कर सकते है। बिना थके। #sj_feeling
देखिये ना इस संस्कृति की विशेषता जो डूबते सूरज को प्रणाम करती है। ये बताती है कि बुजुर्ग भी हमारे लिए उतने ही पूजनीय है जितने धरती पर आए वाले नवजात। 
देखिए ना। हम कहते है पीपल के पेड़ में लक्ष्मी का वास होता है। उसको पूजिये। उसको काटिये नहीं। पाप लगता है। विज्ञान भी तो यही कहता है कि पीपल का पेड़ ही एकमात्र ऐसा पेड़ है जो 24 घण्टे आक्सीजन देता है।

हम रात को पेड़ को छूते नहीं। हमारा मानना है कि पेड़ो में भी प्राण है। वो भी सोते है। विज्ञान भी तो यही कहता है कि पेड़ भी सजीव है। 😊
हमारे श्री कृष्ण ने तो पूरे गोकुल में डंका बजा दिया था कि दीवाली के दूसरे दिन इंद्र की पूजा करने के बजाय पहाड़ों की पूजा करो, वृक्षों की पूजा करो। इन्हीं से तो बारिश आती है। दीवाली के दूसरे दिन इसीलिए हम प्रकृति की पूजा करते है। उसी गोबर को खाद के रूप में खेतों में डालते है।
हम कहते है भोजन को झूठा छोड़ोगे तो अगले जन्म में अन्न नहीं मिलेगा। ये कहावत भी भोजन के सम्मान को दर्शाती है।
हम कहते है पानी को बहाओगे तो जल देवता नाराज हो जाएंगे। 
वो बात अलग है कि कोई जल देवता है भी की नहीं। लेकिन ये संस्कृति सदियों से प्रकृति के संसाधनों को बचाने की अपील करती आई है। इसलिए यूनान, रोम और अन्य संस्कृतियां जहां विलुप्त हो गई, हमारी संस्कृति सदियों बाद भी जीवित है। by the way..
Happy chatt pooja 🙏

अकेले ही घूमों, लेकिन घूमो

मेरे समय के रथ के पहिये ने हैदराबाद शहर को अभी हाल ही में अतीत का हिस्सा बना दिया। हैदराबाद छोड़ने का उतना दुख नहीं जितना इस बात का मलाल है कि हैदराबाद के अधिकाशतः टूरिज्म पॉइंट पर स्टार्लिंग ज्योति के पैर नहीं पड़े। 😊 अब समय मेरे कानों में आकर कह रहा है कि ये गलती बेंगलुरू में मत करना। यहाँ के दर्शनीय स्थल तुम्हारा इंतजार कर रहे है ज्योति। 😀 
जो अब भी हैदराबाद में रह रहे है, उनको बताना चाहूंगा कि बिना घूमे चले गए तो जिंदगी भर पछताओगे। आज के 15 साल बाद घूमने का बहाना दूसरा भी आ सकता है लेकिन ये वक्त नहीं आएगा। ये वाली सेल्फी नहीं आएगी। जब आएगी तो 2 बच्चों और बीवी या मोम डेड वाली ही आएगी। 😀#sj_feeling
एक बात ओर .... ये तो कहना ही छोड़ दो की मेरे साथ किसी ओर का वीक ऑफ नहीं होता तो अकेला क्यों घूमूं। इस बात का सबसे अच्छा उत्तर मेरे ही डेस्क के एक साथी Mukund B Kaushal ने दिया था कि अपनी खुशी किसी ओर पर डिपेंड हो तो फिर वो खुशी ही क्या। सबसे तेज भी वहीं चलता है जो अकेला होता है। बेग, सेल्फी स्टिक, छत्ता, पानी की बोतल, कैमरा ओर कुछ खाने के समान के साथ अकेले ही निकल पड़ो। सच में बड़ा अच्छा लगेगा। ज्यादा चीजों को समझोगे। किसी और पर निर्भर नहीं रहोगे। बाकी आपकी मर्जी। धन्यवाद। 😊

Ego रिश्तों को खो रहा

हम कई बार अपने ego में रहते है। कि उसका msg नहीं आया। मैं क्यों करूँ। ऐसे साल गुजर जाते है और वो फिर वो रिश्ते लुप्त हो जाते है। #sj_feeling 
हम आगे होकर बात भी कर ले तो सामने से संतुष्टि पूवर्क जवाब नहीं मिलता। उस तरह की बातें नहीं होती जो पहले होती थी। फिर हम सोचते है कि चलो उड़ जाने दो इन परिंदों को। लौट आएंगे वापस। लेकिन हकीकत ये है परिंदों के लिए स्थाई आशियाने नहीं होते। जंहा कही पेड़ दिखाई दिया, उसी डाल पर घोसला बन जाता है।
यहां किसी को किसी से कोई मतलब नहीं है। अरसे गुजर जाने के बाद भी कोई ये नहीं पूछता की कैसा है या केसी है। 
अजीब बात है लेकिन ये सच है कि अब किसी से बात करने के लिए भी सवाल पूछने पड़ते है। जबरदस्ती व्हाट्सअप पर नाइस डीपी बोलना पड़ता है। ताकि उधर से थैंक्यू रिप्लाई आये और बात आगे बढ़े। 
इसलिए फ्री का ज्ञान ये है जितना वक्त जिसके साथ मिल है खुलकर जिया जाए। और आगे भविष्य की एक्सपेक्टेशन ना रखें। हर नई डगर पर नए दोस्त बनते है, पुराने पीछे छूट जाते है। या हो सकता है हम छोड़ देते है। उन दोस्तों के बिना जीना सीख जाते है। नए लोगों में घुल जाते है। उधर से भी अब होली दीवाली का कोई msg नहीं आता, और हम भी नहीं करते। Miss you शब्द भी अब झूठ की बुनियाद पर खड़ा है।

सेलेरी बड़ी नहीं, सेविंग बड़ी होनी चाहिए !

कितनी सेलेरी है तुमारी??'
' हप्पप्प ! लड़कों से सेलेरी नहीं पूछते'
' ठीक है मत बता। मुझे कोनसा देगा तू'
' इत्ता काहे का गुस्सा। बता रहा हूँ ना। **+ है।'
' ok तो सेविंग कितनी होती है'
' बहुत कम'
अगली वाली पंक्ति जो उसने बोली उसमें मैं सोचने पर मजबूर हो गया।
" सेलेरी क्या है ये इम्पोर्टेन्ट नहीं है। इम्पोर्टेन्ट है तुम सेव कितना कर रहे हो'
इस लाइन ने दिल जीत लिया। #sj_feeling
जब 5000 कमाते थे तब भी संतुष्ट थे, 1 लाख कमाएंगे तो भी संतुष्ट नहीं हो पाएंगे। सब चाहत का खेल है। महत्वकांक्षी दिल है ना, मानता ही नहीं। 
जो 10 हजार कमाते है वो भी सेविंग कर लिया करते है। बच्चों की अच्छी शादी करवाया करते है। हम उनसे ढाई गुना कमा रहे है तो भी 'सेविंग' शब्द से अछूते है। 
कृपा कहाँ अटकी है पता है??
ग्लेमर लाइफ पर। मध्यम वर्ग की सैलरी उठा कर रईसों वाले शौक ही हमारी सेलरी का बंटाधार करते हैं। मेरी पुराने ऑफिस की एक साथी थी। सेलेरी 16 हजार थी। 4 हजार पापा से मंगवाती थी। तब जाकर उसका एक महीना निकलता था। कैसे-
● बात बात पर Swiggy .... Wt a delivery 😀 .. घर पर आटा गूंथने में जोर आता है।
● गली के दूसरे छोर के लिए भी Ola cab. फिर बोलते है मोटी हो रही हूं या हो रहा हूँ। पैसे खर्च हो रहे है, चर्बी बढ़ रही है।
● हर दूसरे दिन अपने दोस्तों के साथ रेस्टॉरेंट का खाना। 400 रुपये मिनिमिम होता है। 
● हर हफ्ते शॉपिंग। एक ड्रेस हफ्ते में दूसरी बार पहन लो तो कोनसा पहाड़ टूट पड़ेगा भई।
● ब्रांड की तरफ भागना। 100 रुपये वाली इयरफोन भी तो वहीं आवाज देगी। बोट रोकर्स खरीदना जरूरी है क्या।
● हर 10 दिन में मूवी।
● सिगरेट, वाइन अगर ये एक्स्ट्रा होते है तो। 
सेविंग हम कर सकते है। बड़े आराम से। लेकिन अपने जीवन को सुलभ बनाने वाली भौतिक वस्तुओं और शौकिया जीवन के लिए हम नहीं कर पाते। और आखिरकार हर दूसरे व्यक्ति की तरह हमारी सेलेरी भी पहले 10 दिन में ही खत्म हो जाती है।

शिवसेना का सरकार बनाना सही कदम


जिद्द करों दुनिया बदलो। जिद्द के आगे भगवान भी झुक जाते है। जिद्द पर बुलंदियां पैरों के नीचे होती है। #Sj_thought
बाला साहेब ठाकरे ने कहा था कि एक दिन ऐसा आएगा जब कोई शिवसैनिक महाराष्ट्र का सीएम बनेगा। बाला साहेब के जिंदा रहते तो उनका ये सपना सच हुआ नहीं। अब उनके बेटे ने ये कर दिखाया। ये जिद्द नहीं होती तो ये कुर्सी नहीं मिलती। ये जिद्द ही है जिसके कारण पहली बार ठाकरे परिवार कोई संवैधानिक पद संभालेगा। इस जिद्द के आगे अमित शाह की नहीं चली।
अब अगर कोई इसे अनैतिक बताए और बड़ा बड़ा ज्ञान दे तो पहले गिरेबान में देख ले। पीडीपी के साथ गठबंधन भी तो अनैतिक था। और अभी हाल ही में NcP के साथ जो असफल गठजोड़ हुआ उसका तो क्या कहना।
शिवसेना bjp के साथ रहती तो ये सपना साकार नहीं होता। शिवसेना के हर कदम को समर्थन 🙏

वामपंथी विचारधारा भारत को तोड़ रही

घटिया मानसिकता । या यूं कहें कि अगर अगर दिमाग मे गोबर भरा है तो आप सच मे वामपंथी है।
देशभक्त मरता है, वामपंथ हंसता है।
सैकड़ो लोगो को बम से उड़ाने वाले नासिर मदनी को रिहा करने के लिए केरल विधानसभा में बिल पास होता है। लेकिन कोई अखण्ड भारत का सपना देखने वाले को देशभक्त कह दिया तो हंगामा खड़ा हो जाता है। 
वामपंथियों का दिमाग 24 घण्टे नकरात्मक चीज़ों से भरा रहता है। ये धर्म मे अंगुली करते है। ये सर्जिकल स्ट्राइक की आलोचना करते है। ये कश्मीर में 45 जवानों के मरने पर पार्टी करते है। इनकी हर एक फ़ेसबुक पोस्ट से आप मुस्करा नहीं सकते क्योंकि इनका उद्देश्य यही है कि 24 hours नफ़रत फैलाएं। 
जरा सोचिए। ' ब्राह्मण भारत छोड़ो' की जगह अगर 'दलित या मुसलमान भारत छोड़ो' लिखा होता तो देश मे इस वक्त क्या हुआ होता???
जो देशद्रोही और नफरत फैलाने वाले लोग मेरी Id से जुड़े है तुरंत निकल जाएं। वरना यही पर JNU दिखा दिया जाएगा। सीधी सट। दो टूक। हंगामा। बवाल। बस

हैदराबाद एनकाउंटर सही या गलत ??

एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले लोग विधान बता रहे हैं। कानून बता रहे है। क्या प्रियंका रेड्डी उनके ही घर की बेटी होती तो ऐसे ही तर्क देते ??? #sj_thought
हिंदुस्तान में पहली बार कुछ नया हुआ है,अपने तर्को में धूमिल ना करें। 
रेप होने के बाद तो बड़ा चिल्ला रहे थे कि चौराहे पर जनता के बीच लाकर फांसी दो। और अब एनकाउंटर हो गया तो पत्रकारिता जाग गई?? 
साल 2004 में धनजंय नाम के एक रेपिस्ट को लास्ट बार फांसी दी गई थी। 4 लाख रेपिस्ट इन 15 सालों में सामने आए है.. कितनों को फांसी दी?? जो हुआ अच्छा हुआ।
अगर पुलिस का ये एनकाउंटर सच्चा है तो पुलिस को सेल्यूट। 
अगर फेक है तो हज़ार बार सेल्यूट

रिफ्यूजी जो दर्द झेल रहे है वो हम नहीं समझ सकते

रिफ्यूजी जो दर्द झेल रहे है वो हम नहीं समझ सकते। उनके बच्चों की शादियां तक नहीं होती है। वो नया मकान तक नहीं बना सकते। हर सरकारी योजना को वो मुँह लटकाए मासूम से देखते है। #sj_feeling
ये प्रताड़ित है, घुसपैठिए नहीं है। आप #NRC का विरोध कीजिये लेकिन #CAB का विरोध कैसे कर सकते है। हमारे देश की संस्कृति हमेशा से ही शरणार्थियों को अपनाने की रही है। हमने दलाई लामा को भी तो शरण दी है। हमने पाकिस्तान बांग्लादेश के न केवल हिन्दू बल्कि 566 मुस्लिमों को भी नागरिकता दी है। ये अधिनियम नागरिकता देने का है, ना कि छीनने का।
वो लोग अपनी बहू बेटियों के आन बान शान के कारण अपने पुरखों की जमीन छोड़कर आये है। ये समस्या पिछले 70 साल से थी। किसी भी सरकार ने इसको नहीं उठाना चाहा कि मुस्लिम वोट बैंक नाराज हो जाएगा। ये फर्क होता है पूर्ण बहुमत की सरकार और गठबंधन की सरकार में। 
#CAB #CitizenshipAmendmentBill #नागरिकता_संशोधन_अधिनियम

चाय और मैं !

#चाय। बस.. ये 2 शब्द ही जुबां पर मिठास ला देते है, स्वाद तो फिर अलग बात है। #International_Tea_Day
चाय तो मुझे शुरू से ही पसंद है। चाय का इतना शौक की देह को चीर के देख लो, रक्त से ज्यादा चाय निकलेगी। इतना कि एक कप चाय में आप मुझसे कोई भी राज उगलवा सकते हो। 😀😀 बिस्किट के साथ हम भी पिघल जाते है चाय में। 😜 जनवरी की सर्द हवाओ को चाय हिमालय की ढाल जैसे रोकती है। 
ओर भई चाय के साथ अगर पकोड़े हो तो ....... सोरी सोरी। कोंग्रेसी नाराज हो जाएंगे 😜 
इंडिया का चाय से बड़ा प्यारा नाता है। एक चाय वाला पीएम बन जाता है। एक आर्मी अफसर (अभिनन्दन) चाय पीने पाकिस्तान चला जाता है। यूं कहो कि दुनिया में भारतीय शब्दो मे 'नमस्ते' के बाद 'चाय' ही सबसे पॉपुलर वर्ड है। 
मैं तो बोलता हूं कि असम में जारी हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए मोदी जी को असम के बागानों की चाय पर कोई घोषणा कर ही देनी चाहिए। 😀 
चाय से याद आया जब मैने पहली चाय बनाई। जाने कोन विद्वान था वो जिसने ये बताया कि चाय में जितनी चीनी डालते है उतनी ही पत्ती डालते है। मेने चाय में 5 चम्मच पत्ती डाल दी। 😜
खैर छोड़ो। इतना समझो कि चाहे जीडीपी 2 पर आ जाये, रुपया गिर जाए, महंगाई आसमान छू जाए लेकिन चाय और पार्लेजी मिलेंगे तो 5 रुपये में ही 😊 
मोदी जी। प्याज और टमाटर तक ठीक है। लेकिन चाय के दाम बढ़े तो बस असम से ज्यादा हिंसक प्रदर्शन होगा 😀 
चलो चाय पर चर्चा कर रहे तो एक शायरी याद आ रही है 😊
'ताउम्र जलते रहे है धीमीं आंच पर... 
तभी ये इश्क़ और चाय मशहूर हुए है...😀

अंत मे इतना कहूंगा कि -
जो वक्त के साथ बदल जाये उसे राय कहते है।
जो कभी ना बदले उसे चाय कहते है।।
सभी को अंतरराष्ट्रीय #चाय दिवस की हार्दिक बधाई 😀🙏🙏

2019 के चर्चित मुद्दे/ बड़ी खबरें

बहुत मेहनत से कलेक्शन किया है. 2019 की बड़ी खबरें जो बनीं सुर्खियां.. 
😊🙏
नागरिकता संशोधन बिल पास
CAA के खिलाफ हिंसा
कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटना
सबरी माला पर बहस
ट्रैफिक चालान सख्त
ICJ कुलभूषण मामले में भारत के पक्ष में ज्यादा वोट
पुलवामा आतंकी हमला
राफेल पूजा पर बवाल
सैटेलाइट गिराने वाली मिसाइल (मिशन शक्ती) का सफल परीक्षण
मोदी की सत्ता में वापसी
महाराष्ट्र की सियासी उठापटक
कर्नाटक का सियासी ड्रामा
पटरी पर प्राइवेट ट्रेन
कुलदीप सेंगर को आजीवन कारावास
सेमिफाइलन में भारत की हार
चंद्रयान 2 का आशिंक सफल होना
सुषमा स्वराज का निधन
अरुण जेटली का निधन
मनोहर पर्रीकर का निधन
शीला दिक्षित का निधन
अमिताभ को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार
प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न
राहुल गांधी का अध्यक्ष पद छोड़ना
हैदराबाद का प्रियंका रेड्डी जघन्य रेप एंड मर्डर केस
पहली बार रेप आरोपियों का एनकाउंटर
निर्भया के आरोपियों को फांसी की सजा
दिल्ली में वकील और पुलिस के बीच तीज हजारी हिंसा
मुंबई में आरे के वन काटे जाना
महात्मा गांधी की 150 वीं जयंति वर्ष
मोदी का अमेरिका में हाउडी मोदी प्रोग्राम
साध्वी प्रज्ञा को सांसद का टिकट
वकील रामजेठमलानी का निधन
उन्नाव रेप केस के आरोपियों का पीड़िता को जिंदा जलाना
डोनाल्ड ट्रंप का कश्मीर मध्यस्तता का बयान
बरेली विधायक की बेटी साक्षी का पिता के खिलाफ पत्र वायरल
गरीब सवर्णों को आरक्षण
राहुल गांधी का 'चौकीदार चौर है' नारा
पीएम मोदी का ' मैं भी चौकीदार' कैंपेन
पीएम मोदी का टोंक में ' मोदी है तो मुमकिन है ' नारा
निर्मला सितारमण का पहली बार'बही खाता' से बजट पारित
5 लाख की आय वालों को इनकम टैक्स में छूट
ई सीगरेट पर प्रतिबंध
राजस्थान में गुटका प्रतिबंध
जीओ द्वारा कॉल के लिए रिचार्ज अलग से लेना
बिहार में चमकी बुखार
कोलकत्ता में डॉक्टर्स स्टाइक पूरे देश में फैलना
साइक्लोन 'वायु '
सपा-बसपा गठबंधन
फानी चक्रवात
सुरत की चार मंजिला इमारत में आग से 22 बच्चों की मौत
विंग कमांडर अभिनंदन का पाकिस्तान में घुसना
पीवी सिंधु का विश्व चैंपियनशिप जीतना
सौरभ गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना
कमलेश तिवारी की हत्या
आईएसआई सरगना अबू बकर बगदादी की मौत
स्वामी चिन्मयानंद और नित्यानंद के कारनामों का खुलाशा
जनरन बिपिन रावत देश के पहले सीसीडी
पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक
अयोध्या रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रिम कोर्ट का फैसला
ट्रिपल तलाक पर कानून बनना
और सबके अंत में सबसे बड़ी खबर जिसने तहलका मचा दिया - Starling jyoti का नाम चैंज करना 😃😄
बाकि बड़ी खबरें अगर आपकों पता है तो आप मैंसन कर सकते हैं.

CAA पर FB post करना पड़ा भारी

CAA पर बहुत अच्छी पोस्ट करने के चलते फेसबुक ने मुझे शाबासी देते हुए मेरी आई डी लॉक कर दी. फिर मेंने फेसबुक को आदेश देकर आईडी खुलवाई. #sj_feeling
2019 में मेरा तजुर्बा आप सबको ये कहता है कि 
' विवादित विषयों से बचें ' 
भाड़ में जाए दुनिया.. इस विवादित विषय के कारण फेसबुक की शर्त मानते हुए मुझे मेरा नाम तक चैंज करना पड़ा. लेकिन ध्यान रहें Starling jyoti विलुप्त नहीं हुआ है. 😀😀 इस पर माननीय अटल जी को याद करते हुए ये कहुंगा कि -
ठन गई!
फेसबुक से ठन गई!

जूझने का मेरा इरादा न था,
वापस आउंगा इसका वादा न था,

आईडी लॉक कर एफबी खड़ी हो गई,
यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई।

अकाउंट की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं।

मैं जी भर पोस्ट किया, अब उससे क्यों डरुं
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ? - 😀

BJP IT Cell कभी कभी मर्यादा लांघ जाता है

विवादित विषयों पर बोलना अच्छा नहीं लगता। CAA के सपोर्टर्स भी सही हो सकते है और विरोध करने वाले भी| शाहीनबाग में 500 रु. में महिलाओं को धरने पर भेजने की खबर भी सही हो सकती है और गलत भी। मुझे नहीं पता।
लेकिन जिस तरह से मर्यादा लांघी जा रही है, महिलाओं के लिए वो गलत है। पूर्णतया गलत है। आप गलत हो। मानो की आप गलत हो। 
शाहीनबाग में धरने पर बैठी इन महिलाओं में 80% तो वो है जिन्होंने तीन तलाक बिल पर मोदी सरकार की तारीफ की थी। कल वो आपको अच्छी लग रही थी, और आज आप उनको 'बिकाऊ औरते' शब्द से संबोधित कर रहे हो।
पाकिस्तान के 2 टुकड़े करने वाली इंदिरा गांधी इस मुद्दे पर आपको अच्छी लगती है। लेकिन आज आप उसको करीम लाला की सेटिंग बता रहे हो। मानो की तुम गलत हो। #sj_feeling

Saturday, 18 January 2020

वस्तु गर्म होने पर लाल क्यों? अस्पतालों में हरा रंग का मास्क ही क्यों? पहाड़ नीले क्यों? फ्रिज कैसे काम करता है ? सबसे खतरनाक जहर कोनसा ? देखिये जवाब !

नमस्कार दोस्तों ! काफी दिनों बाद एक बार फिर हम हाजिर है, अपने बेफिक्र अंदाज के साथ।

वो 5 प्रश्न जो कभी ना कभी आपके दिमाग मे खोंड जरूर होंगे। चलिए बिना कोई टाइम खराब किये सीधे प्रश्नों और जवाबों की ओर रुख करते है। 

1) जब किसी वस्तु को गर्म करते है तो उसका रंग लाल क्यों हो जाता है ?
दोस्तों गर्म होने से वस्तु ऊष्मा सोंखती है। जिससे वो कुछ भाग विधुत चुम्बकीय तरंगों के रूप में बाहर निकालती है। विज्ञान का नियम है वस्तु जो कलर अपने अंदर से बाहर निकाले, हमे वो ही कलर दिखाई देता है। अब सवाल है लाल रंग ही उसने क्यों बाहर निकाला तो जवाब ये है कि लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक और आवर्ती सबसे कम होती है जो गर्म होने पर लाल रंग ही बाहर निकलता है। इसलिए हमें वो वस्तु लाल दिखाई देती है। 
2) दूर से देखने पर पहाड़ नीले क्यों दिखाई देते है। 

दोस्तों। ये तो आपको ही पता ही होगा कि पहाड़ो पर तापमान कम होता है। मैदानी इलाकों की अपेक्षा। नहीं पता तो इसके बारे में बाद में बात करेंगे लेकिन ये समझ लीजिए कि पहाड़ बहुत ठंडे होते है। इसलिए वहां आद्रता बहुत अधिक होती है। आद्रता मतलब नमी। नमी मतलब वायु में मौजूद पानी की बूंदे और वायु मतलब हवा। आजकल शुद्ध हिंदी बोलने का तो जमाना ही नही रहा। वीडियो बना भी दस और लोगो को समझ नही आये तो ये तो भैंस के आगे बीन बजाना हो गया। खैर मैं क्या बता रहा था कि पहाड़ो पर नमी होती है। इसलिए पानी की बूंदे वायु कणो के साथ मिलकर रोशनी के नीले हिस्से के प्रकीर्णन के साथ दिखती है। यही वजह है कि दूर से देखा तो हमे पहाड़ नीले दिखते है।

3) फ्रिज को खुला छोड़कर कमरा बन्द करने से कमरा गर्म क्यों हो जाता है।

इसमे भी कई सारे सवाल निकल कर आते है जैसे फ्रिज को ज्यादा देर तक खुला क्यों नही रखना चाहिए या फ्रिज के अंदर की वस्तुएं ठंडी कैसे हो जाती है। 
बहुत आसान शब्दो मे समझता हूं। सुनिए। पहली चीज़ ये है कि फ्रिज के अंदर पाइपों में लगा होता है एक यन्त्र जिसका नाम है कंडेंसर। कंडेंसर में बाहूत है ठंडे तरल पदार्थ है जो फ्रिज में रखे सामानों की ऊष्मा को सोंखते है और पपाइपों से ही उस गर्म हवा को बाहर फेंक देते है। फ्रिज को ज्यादा देर तक खोंलेने के लिए इसलिए मना किया जाता है कि बच्चे जैसा तो सारा ही होता है वो बेचारा कंडिसर। वो केवल फ्रिज जितने छोटे इलाके की ही गर्मी को सोंख सकता है। कमरे की गर्मी को सोंखेगा तो जल्दी ही खराब हो जाएगा। 
अब रहा आपका सवाल की फ्रिज को खुला छोड़ने पर कमरा गर्म क्यों हो जाता है। तो भाई बात ये है कि फ्रिज को खुला छोड़कर कमरा बन्द करने पर कंडिसर अब सिर्फ फ्रिजक नही रहा पुरे कमरे का हो गया। अब पुरे कमरे के लिए काम करेगा। अब पूरे कमरे की गर्मी को सोंखेगा। कंडेंसर ज्यादा गर्मी सोंखेगा तो ज्यादा गर्म हवाएं पाइप लाइनों से बाहर भी फेंखेगा। देखते ही देखते कमरा गर्म हो जाता है। 

4) ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर नीले या हरे रंग के ही मास्क और कपड़े क्यों पहनते है। 

भई इसका जवाब तो मनोवैज्ञानिक तरीके से बताया जा सकता है। दरसअल हमारी आंखे सिर्फ 3 रंगों में ही सुकून सहसूस करती है। वो है लाल, हरा ओर नीला रंग।
बाकी की रंग चुभते है। 
अस्पतालों में 1914 से पहले कर्मचारी सफेद कपड़े पहनते थे। लेकिन बाद में ये रिवाज बदल गई। बताया गया कि हरा या नीला रंग ही use किया जाए। चाहे नर्स हो या डॉक्टर, या ऑपरेशन थियेटर हो या अस्पताल की दिवारे या पर्दे सभी हरे या नीले रंग में हो। ऐसा इसलिए कि लाल रंग तो नकारात्मकता का प्रतीक है चाहे सुकून भरा ही क्यों ना हो। अब बचे हरा ओर नीला रंग, ये हमारे आंखों को सुकून देता है। मरीजो में भी सकारात्मता भरता है। और डॉक्टरों में भी ऊर्जा भरता है। 

5) क्या साइनाइड सबसे खतरनाक जहर है ?? 

अब तक हम मानते गए कि सायनाइड ही सबसे खतरनाक जहर है। लेकिन जरा ठहरिये कुछ तथ्य आपके समक्ष पेश करते है। 
शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के बारे में तो आपने सुना ही होगा। भारतीय वैज्ञानिक और डॉक्टर हैरान रह गए कि उसकी मौत एक जहर से हुई जिसका नाम है पोलेनियम 210 .
ये वही जहर है जिसके सहारे अमेरिका ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान पर परमाणु हमला किया था। 
इसकी खोज रेडियम की खोजकर्ता मेडम क्यूरी ने की थी। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस जहर ने उसी की बेटी को अपने शिकंजे में ले लिया।
कहा जाता है कि पोलेनियम के नमक के 2 दाने जितना भी मुह में ले लोगे तो 1 सेकंड खत्म होते होते आप चल बसोगे। ये बहुत तेजी से हमारे डीएनए ओर तांत्रिक तंत्र को तहस नहस कर देता है। 1 ग्राम पोलिनियम 5 करोड़ लोगों को मारने के लिए काफी है। 
पोलेनियम का उपयोग इंडस्ट्री में किया जाता है जब मशीनों से इलेक्ट्रिसिटी हटाई जाती है तब इसका उपयोग होता है।

#jyotiprakash - jyoti prakash goutam 🙏 

Saturday, 2 November 2019

कॉपी पेस्ट की दुनिया

नॉलेज को मूर्त रूप देना ही प्रैक्टिकल कहलाता है ना। खेद है कि आजकल प्रैक्टिकल बस एक फैशन हो गया। #sj_thought
लैला-मजनू, पारो-देवदास, सलीम-अनारकली, मोदी-शाह के बाद अगर कोई जोड़ी फेमश हुई है तो वो है कॉपी-पेस्ट..
हम इसी कॉपी पेस्ट की दुनिया का हिस्सा है। कही न कही से कॉपी पेस्ट कर ही लेते है। ऐसा नही है कि थॉट हममे उत्पन्न नही होते, बस हम कोशिश नही करना चाहते। सोशल मीडिया पूरा कॉपी पेस्ट से भरा पड़ा है। हम सोचना ही नही चाहते। क्योंकि दिमाग तो दूसरों की लाइफ में दखल देने के लिए है। दुसरो की बाते बनाने के लिए है। थॉट कहाँ से उत्पन्न होंगे। सच बताऊ तो अगर कॉपी पेस्ट का ऑप्शन हटा दिया जाए तो आधे से ज्यादा ट्विटर यूजर कम हो जाएंगे। मेने खुद ने मेरी पोस्ट में देखा है कि लोग बिना thankyou बोले धड़ाधड़ कॉपी पेस्ट में लगे है। तो कहां था मैं ???
हाँ प्रैक्टिकल फ़ाइल पर।
हमारे डिपार्टमेंट में 80% लोग file भी internet से कॉपी पेस्ट कर रहे है। कुछ धुरंधर थे जिन्होंने कारण बताया कि ग्रैजुएशन में उन्हीने बड़ी मेहनत से अपने थॉट से file तैयार की और टीचर्स ने कॉपी पेस्ट वालो की तारीफ की तो दिल मायूस हो गया। ये सुनकर मेरे लफ्ज खामोश हो गए। कॉपी पेस्ट की प्रणाली को बढ़ावा जिम्मेदार लोग ही दे रहे है। हमारे ही पत्रकारिता में देखो, रिपोर्टर को खबर लिखने में जोर आता है तो उसने दूसरे पोर्टल की सेम खबर को कॉपी पेस्ट कर डेस्क पर भेज दिया। जैसे हमारे माथे पर बड़ा C लिखा है। जैसे हमको पता ही नही है की कोंन चीज़ कॉपी है। सीनियर एडिटर तो हेडिंग देखकर समझ जाते है कि ये कॉपी पेस्ट है।
तो मैं बता रहा था कि टीचर्स की वजह से लोग कॉपी पेस्ट करने में लगे है। जमाना है ही नही थॉट apply करने का। लोग तो p.hd भी कॉपी पेस्ट से ही हो रही है।
जाते जाते इतना बताना चाहूंगा कि ये कॉपी पेस्ट वाले वही लोग है जो फूंक कर जमीन पर गिराई सिगरेट को उठाकर पीते है। ,🙄😘

टीवी अब सिर्फ 7 से 9 तक

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अब गर्त पर है। टीवी अब शाम 7 से 9 बजे तक सीमित रह गई। #sj_thought 💓🙏
जिओ क्रांति आने के बाद अब टीवी से किसी को कुछ मतलब नही। हम उस दौर से गुजर के आये है या यूं कहें कि हम वो अंतिम पीढ़ी है जिसने टीवी को न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम बनाया बल्कि उसमे हमारी सांसे बस्ती थी। वो वक्त था जब केवल DD-1 ही था। जब मौसम में खराबी पर ऊपर छत पर जाकर एंटीना सुधारा जाता था। जब महाभारत और रामायण चलते थे तो पूरा पड़ोस इकट्ठा हो जाता था। दूसरे दिन गली क्रिकेट में बेटिंग उसी की आती थी जिसके घर मे टीवी होती थी। कुछ सीरियल तो मुझे आज भी याद है जिन्होंने उत्तर भारत को हर एपिसोड के लिए बेचैन किया है।
रंगोली
चित्रहार
शक्तिमान
जूनियर जी।
मेहर
आप बीती
हवाएं
डिटेक्टिव करण
राजा रेन्चु
नरगिस
कुंती
रामायण
महाभारत
विष्णु पुराण
मैं जानता हूँ कि ये सब नाम सुनकर आप मुस्करा उठे, 😊क्योंकि ये सिर्फ सीरियल नही थे बल्कि लोगों की सुबह शाम की रोटी थी। इन्हें देखे बिना नींद नही आती थी।
आज टिवी की भारी दुर्गति देख रहा हूँ। मैं फिर से कह रहा हूँ टीवी अब शाम 7 से 9 बजे तक सीमित रह गया। सब मोबाइल की दुनिया मे जीने लग गए। अब टीवी रहे ना रहे, एंटरटेनमेंट तो फिर भी रहेगा। ❤️😘🙏

हम सब में एक युवराज हमेशा जिंदा रहेगा

19 sep. 2007, स्टुअर्ड ब्रॉड की बॉल पर इंग्लैंड के खिलाफ उसने 6 बॉल पर 6 छक्के लगाकर क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम पन्नो में अपना नाम दर्ज किया था। #sj_thought
ये खिलाड़ी मेरा ऑलटाइम फेवरेट रहा है। हो भी क्यों ना हो, हर icc के टूर्नामेंट में वो सितारों की तरह चमक उठता था। सन 2000 का अंडर 19 वल्र्डकप देखो या 2007 का t20 वर्ल्डकप. 2011 के विश्वकप का हीरो भी यही था जब इसे मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला। यू ही नही इसे सिक्सर किंग कहा जाता है। सहवाग, सचिन के साथ अगर हमारी ललक कोसी ओर खिलाड़ी को देखने की रही तो युवराज ही था। युवराज भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम पन्ना था।
उसके रिटायरमेंट के अवसर पर बस इतना ही कहना है -
मैं योद्धा कहूंगा, तुम युवराज समझना।
युवी आप सबके लिए प्रेरणास्रोत रहे है की आपने किस तरह केंसर की जंग लड़ी। एक नई जिंदगी पाई। और फिर योद्धाओं की तरह मैदान पर आ गए।
मलाल रहेगा की हरफनमौला खिलाड़ी के लिए भी Bcci ने कोई विदाई मैच का आयोजन नही किया।
खैर आप रहे ना रहे, हम सब के अंदर एक युवराज हमेशा जिंदा रहेगा।

हद से ज्यादा व्हाट्सएप स्टेटस : इरिटेटिंग

कभी कभी हद से ज्यादा व्हाट्सअप स्टेटस लगाना भी आपकी वैल्यू कम कर देता है #sj_thought 😂
एक वक्त के बाद कोई देखना ही पसंद नही करता,ओर इम्पोटेंट स्टेटस रद्दी में चले जाते है 😂😂
ऐसे लोगो को मैं सीधा mute करता हूँ। 😃 हद है याद खाना खाओ तो चम्मच का फोटो, तो कभी ओर कुछ नही मिला तो बादलो की फ़ोटो, घर मे तरबूज लाओ तो उसकी फोटो, कूलर में पानी डालते हुए की फ़ोटो, ओर तो ओर एक ही ड्रेस की एक ही स्टाइल की 20-30 फ़ोटो स्टेटस पे डाल देते है। 🙄
इतने भी स्टेटस क्या काम के की छोटे छोटे बिंदुओं का बड़ा नीला सर्किल ही बन जाये 🙄
एक कहावत है जितना आप कम बोलोगे आपकी बात उतने ज्यादा लोग सुनेंगे। ठीक इधर, जितना कम स्टेटस लगाओगे, व्यूज उतने ही ज्यादा मिलेंगे। 

आज मेने कुछ नया हासिल किया : आधी रात में उस अधेड़ की मदद

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वो अधेड़ आयु के शख्श थे, जो रात 9:30 बजे पसीने से लथपथ अपनी स्कूटी को घीसकर ले जा रहे थे। #sj_thought
मैं उस वक्त एक रेस्टोरेंट पर खाना खाकर रूम की तरफ आ रहा था। कबीर सिंह का रिव्यू पढ़ते हुए। इस बीच मेने देखा कि लगभग 50-55 साल का वो शख्श स्कूटी के हेंडल थामे रास्ता नाप रहा है। उसके नैन बार बार मंजिल की तरफ जा रहे थे, ये उम्मीद लगाए की अब आ गया पेट्रोल पंप। स्कूटी का पेट्रोल खत्म हो गया था, लेकिन यहां से पेट्रोल पंप 1 km दूर था। 
मेने इग्नोर किया और कबीर सिंह के रिव्यू पर फोकस किया। लेकिन पता नहीं क्यों बार बार दिल कर रहा था कि कुछ पीछे छूट गया। मैं उससे लगभग 100 मिटर आगे आ गया था। मेने सोचा कि इस जगह मेरे पापा होते तो भी मैं क्या ignore करता।
मेरे पैर सरपट दौड़ पड़े उस अंकल की ओर। मेने उनसे बिना किसी बात किये बोला ' अंकल आप स्कूटी पे बैठिए, मैं लगाता हूँ धक्का' 
अंकल कुछ कहते उससे पहले ही मैं धक्का लगाने लग गया। उनको जिद्द कर बैठाया। और पेट्रोल पंप तक ले गया।
ये सांसे पता नही क्यों नही फूली। पता नही क्यों मैं नही हांपा, पता नही क्यों मेरे पसीने नही आये। शायद ये मदद की एक छवि थी। मैं 1 km दूर से फिर पैदल आया लेकिन मेरी रगों में खुशी दौड़ रही थी। मेरे चेहरे पर एक असाधारण मुस्कान थी। और फिर ये सोचकर खुश था कि रूटीन की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में मैने आज कुछ नया हासिल किया। और वो था - 'Thankyou